13 सितंबर (लखनऊ)। हाइकु भूषण, साहित्य भूषण डॉ. मिथिलेश दीक्षित जी के 80 वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में वरिष्ठ साहित्यकार निवेदिता श्री  द्वारा भव्य और गरिमापूर्ण कार्यक्रम "यु.पी प्रेस क्लब लखनऊ" में रखा गया।

बहुविध-बहुआयामी साहित्यकार हैं डॉ मिथिलेश दीक्षित जी । यह नाम है- करूणा, स्नेह, सद्भाव और भारतीय दर्शन और संस्कृति, मानवीय मूल्यों और चेतना की चिंतक स्थापक, सुसंस्कारों और मौलिक चिन्तन को अपनी रचनाधर्मिता, सृजन और समाज सेवा को जीवन का ध्येय बनाने वाली मृदुभाषिनी, संघर्षशील प्रवृत्तिनी, आस्थावादी, साहित्यिक आपाधापी और विसंगतियों से दूर रहने वाली स्वाभिमानी किन्तु सरल ह्रदया, मोह और प्रतिस्पर्धा से परे, सृजनकर्त्री का । 

उपस्थित वक्ताओं ने उनके दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं अर्पित की।

मिथिलेश जी के उत्तम हाइकु, क्षणिका, लघुकथा से आज पूरीतरह मंच सज गया। कई प्रबुद्ध रचनाकारों ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर मंच को और गरिमापूर्ण बना दिया।

डॉ कनक लता गौर के साथ कानपुर से साहित्यकार सहयोग संगठन और आदित्य साहित्य साधना के द्वारा डॉ मिथिलेश दीक्षित को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विनय श्रीवास्तव ने आदरणीया डॉ मिथिलेश दीक्षित के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके निबंधों की चर्चा की।सुश्री अंजू निगम,

जागृति सिंह, निधि मद्धेशिया, आरती वर्मा, शिव चरण चौहान, मनीषा मिश्रा, पद्मकांत शर्मा, प्रो. ओम लवानिया, सीमा सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

(सांस्कृतिक संवाददाता की रिपोर्ट)

Next
This is the most recent post.
Previous
Older Post

0 comments:

Post a Comment

 
Top