ऋष्यशृंग और शान्ता (तृतीय आख्यान)
अंगदेश की राजधानी चम्पा नगरी (वर्तमान भागलपुर) समस्त आर्यावर्त में विख्यात थी. यहाँ दूर दूर से पर्यटक तथा व्यापारी भ्रमण एवं व्यापार के लिए ...
ऋष्यशृंग और शान्ता (तृतीय आख्यान)
अंगदेश की राजधानी चम्पा नगरी (वर्तमान भागलपुर) समस्त आर्यावर्त में विख्यात थी. यहाँ दूर दूर से पर्यटक तथा व्यापारी भ्रमण एवं व्यापार के लिए ...
ऋष्यशृंग और शान्ता-2
पौराणिक कथा -रामबाबू नीरव जब महर्षि विभांडक की चेतना लौटी तब उन्होंने स्वयं को उर्वशी के आलिंगन में पाया. उनके ब्रह्मचर्य के साथ साथ वर्ष...
ऋष्यशृंग और शान्ता-1
पौराणिक पौराणिक कथा -रामबाबू नीरव [पूर्व कथन : अयोध्या नरेश महाराज दशरथ तथा महारानी कौशल्या की शान्ता नाम की पुत्री थी. जब राजकुमारी श...
परिकल्पना का अगला पड़ाव साउथ कोरिया एवं जापान
लखनऊ (सांस्कृतिक संवाददाता)। परिकल्पना लखनऊ की एक ऐसी संस्था है जो पूरी दुनिया में घूम घूम कर हिन्दी का प्रचार प्रसार करती है। अपनी पच्चीस व...
जालियाॅंवाला बाग का नरसंहार
13 अप्रैल बैशाखी पर विशेष 13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर शहर के हरमिंदर सिंह गुरुद्वारे में घटी नृशंस हत्याकांड मानव सभ्यता के माथे पर ...
बाराबंकी में छात्र अभिभावक सम्मेलन "विचार विमर्श गोष्ठी" आयोजित
बाराबंकी। प्रत्येक छात्र को विद्यालयी पढ़ाई के साथ साथ अपनी हॉबी की पहचान कर उसे पुष्ट करते रहना चाहिए। क्योंकि हॉबी किसी को भी उत्साह और ऊर...
अवधी गजलों के सामूहिक संकलन "पचाँगुर" पुस्तक का लोकार्पण
बाराबंकी। अवध भारती प्रकाशन द्वारा प्रकाशित अवधी गजलों के सामूहिक संकलन "पचाँगुर" पुस्तक का लोकार्पण मुख्य अतिथि प्रो सत्य प्रकाश ...