माधवी फाउंडेशन लखनऊ और विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट आगरा के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी आयोजित
आज 10अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पुस्तक मेले के सभागार में माधवी फाउंडेशन लखनऊ और विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट आगरा के संयुक्त तत्वावधान में भारत...
माधवी फाउंडेशन लखनऊ और विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट आगरा के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी आयोजित
आज 10अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पुस्तक मेले के सभागार में माधवी फाउंडेशन लखनऊ और विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट आगरा के संयुक्त तत्वावधान में भारत...
ममता का किला ढहा, भगवा लहर का उदय
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने 165+ सीटें जीतकर TMC के 15 वर्षीय शासन को उखाड़ फेंका। एंटी-इनकंबेंसी, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और ...
एपस्टीन फाइल्स: लोकतंत्र का आईना या सत्ता का कवर-अप?
-- डॉ. सत्यवान सौरभ अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की जा रही एपस्टीन फाइल्स केवल एक आपराधिक कांड का खुलासा नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक ल...
मकर संक्रांति: पतंगबाज़ी, आनंद, संस्कृति और चेतना
आलेख — डॉ. सत्यवान सौरभ मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन, सामाजिक सहभागिता और लोकजीवन की ज...
कक्षा की दीवारों से बाहर शिक्षा: अनिवार्य उपस्थिति की वैचारिक पड़ताल
आलेख - डॉ सत्यवान सौरभ उच्च शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल छात्रों को डिग्री देना या उन्हें एक निश्चित साँचे में ढालना नहीं है। इसका सार यह...
वंदे मातरम्: राष्ट्रहित की आध्यात्मिक प्रेरणा
“वंदे मातरम्” भारत के स्वतंत्रता संग्राम का आध्यात्मिक आधार था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत मातृभूमि को देवी के रूप में पूजने...
नौकरशाही, सत्ता और संवेदनहीनता
जब शासन सेवा से अधिक अहंकार बन जाए — फ़ाइलों के बीच मरती संवेदनाएँ, सत्ता का चेहरा संवेदना का शून्य बनकर, लोकतंत्र को मशीन बना देता है जहाँ ...
खुशियों की दीपावली : मन की अंधियारी दूर करने का समय
दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि मन के अंधकार को मिटाने और आत्मा में उजाला भरने का अवसर है। आज यह जरूरी है कि हम इसे दिखावे या प्र...
धनतेरस: समृद्धि का नहीं, संवेदना का उत्सव
धनतेरस का अर्थ केवल ‘धन’ नहीं बल्कि ‘ध्यान’ भी है — ध्यान उस पर जो हमारे जीवन को सार्थक बनाता है। यह त्योहार हमें यह सोचने पर मजबूर करता है ...
जब खेत, प्रयोगशाला और सूरज मिलेंगे — तब साकार होगा ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत का सपना।
भारत 2047 तक ऊर्जा स्वतंत्र बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने, प्रदूषण कम करने और सतत विकास को सुनिश्चित ...
तरक़्क़ी के शहर, अकेलेपन के घर
सबसे बड़ी चुनौती है सामुदायिक बंधनों का क्षरण। गाँवों में जहाँ पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बीच गहरे संबंध होते हैं, वहीं शहरों में रहने वाले...
भारत की चिप क्रांति : सपनों से साकार होती हकीकत
भारत आज उस ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है जहाँ तकनीकी आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक प्रगति का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और वैश्विक नेतृत्व की दिश...