इहे सवनवा में....
ज्येष्ठ-आषाढ़ के तपिस दिवस और उमस भरी रात्रि की बेचैनी के उपरांत श्रावणी शीतल फुहार से सम्पूर्ण वातावरण ही जलयुक्त कीचड़ की सोंधी सड़ाइन महक ...
इहे सवनवा में....
ज्येष्ठ-आषाढ़ के तपिस दिवस और उमस भरी रात्रि की बेचैनी के उपरांत श्रावणी शीतल फुहार से सम्पूर्ण वातावरण ही जलयुक्त कीचड़ की सोंधी सड़ाइन महक ...
साहस और शौर्य की प्रतीक हैं 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की नायिका वीरांगना अवंतीबाई लोधी
-ब्रह्मानंद राजपूत (190वीं जन्म-जयंती 16 अगस्त 2021 पर विशेष आलेख) आज भी भारत की पवित्...
किस्सा किस्सा लखनउवा अब स्टोरीटेल पर
- संतोष कुमार · कहानियां और जिक्र नवाबों के नहीं, बल्कि लखनऊ और वहां के स्थानीय लोगों के हैं। · ऑडियोबुक के लेखक और कथाकार...
फिल्म असुरन, कर्णन और अब सरपट्टा... तमिल इंडस्ट्री जिंदाबाद
(फिल्म समीक्षा) -रवि सम्बरवाल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र "फिल्म लगान में दलित लड़के को एक कचरे की तरह अधनंगा सा दिखाना और...
लोकमन के प्रतिबद्ध गीतकार हृदयेश्वर
-डॉ. रवीन्द्र प्रभात ए क ऐसा सुमधुर गीतकार जिनके गीतों-गज़लों में जहां शब्दों के बजने की ध्वनि सुनाई देती है, वहीं मुहावरे व लोकोक्तियों की ...
क्या महिलाओं को घरेलू काम के लिए वेतन दिया जाना चाहिए?
✍ --प्रियंका सौरभ (भारत में घरेलू श्रम के सवाल पर एक महत्वपूर्ण अभियान चल रहा है। ये मुख्य रूप से महिलाएं हैं जो 'महिलाओं के काम...
देश का मेहनतकश, सच्चा किसान कभी जयचंद नहीं हो सकता
✍ - डॉo सत्यवान सौरभ फोटो सौजन्य पीटीआई ( किसान आंदोलन और लाल किले पर ऐसे खालिस्तानी झंडा फहराना भारत की प्रभुसत्ता को ललकारना है. यह बात ...