उज्जैन (सांस्कृतिक संवाददाता): परिकल्पना समय के प्रधान संपादक रवीन्द्र प्रभात को भागलपुर के विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ के द्वारा मौन तीर्थ आश्रम उज्जैन के सभागार में 13 दिसंबर 2018 को प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें उनकी सुदीर्घ हिन्दी सेवा, सारस्वत साधना, काला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां, शैक्षिक प्रदेयों, महनीय शोध कार्य तथा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर विद्यापीठ की अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर प्रदान किया गया। 

उल्लेखनीय है कि रवीन्द्र प्रभात हिन्दी के कवि, कथाकार, उपन्यासकार, व्यंग्यकार, स्तंभकार, सम्पादक और ब्लॉग विश्लेषक हैं। उन्होंने लगभग सभी साहित्यिक विधाओं में लेखन किया है परंतु व्यंग्य और गज़ल में उनकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। १९९१ में प्रकाशित अपने पहले गज़ल संग्रह "हमसफर" से पहली बार वे चर्चा में आये। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक 'जनसंदेश टाईम्स' और 'डेली न्यूज एक्टिविस्ट' के वे नियमित स्तंभकार रह चुके हैं।

प्रभात हिन्दी चिट्ठाजगत में न्यु मिडिया विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने हिन्दी ब्लॉग आलोचना का सूत्रपात किया है और हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास लिखने वाले वे पहले इतिहासकार बने हैं। वे ब्लॉग साहित्यिक पुरस्कार "परिकल्पना सम्मान" के संस्थापक हैं। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन में देश-विदेश से आए चिरपरिचित ब्लॉगर्स, साहित्यकार, रंगकर्मी, संस्कृतिकर्मी आदि की उपस्थिति में प्रदान किया जाता है। अबतक यह सम्मान समारोह नई दिल्ली (भारत), लखनऊ (भारत), काठमांडू, (नेपाल), थिम्पू (भूटान), कोलंबो (श्री लंका), बैंकॉक (थाईलैंड), ओकलैंड (न्यूजीलैंड), जोहोर बहरू (मलेशिया), जकार्ता (इन्डोनेशिया), पोर्ट लुई (मॉरीशस) आदि स्तनों में आयोजित हो चुके हैं। 

उन्हें ब्लॉगश्री एवं ब्लॉगभूषण अलंकरण के साथ-साथ संवाद सम्मान 2009, सृजनश्री सम्मान 2011, साहित्यश्री सम्मान 2012 , प्रबलेस चिट्ठाकारिता शिखर सम्मान 2012, नागार्जुन जन्मशती, कथा सम्मान 2012 आदि सम्मानों से समादृत और अलंकृत किया जा चुका है। 

उनके अबतक एक काव्य संग्रह, दो गजल संग्रह, चार उपन्यास और तीन आलोचना की पुस्तकों के साथ लगभग एक दर्जन संपादित पुस्तकें प्रकाशित हैं।

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