दरकता अमेरिकी लोकतंत्र और भारत की उम्मीदें
✍ --प्रियंका सौरभ ( भविष्य में भारत- अमेरिका संबंध बिडेन प्रशासन के तहत कैसे रहेंगे ये अभी भविष्य के गर्त में है.भारत को संवेदनशील मुद्दों...
दरकता अमेरिकी लोकतंत्र और भारत की उम्मीदें
✍ --प्रियंका सौरभ ( भविष्य में भारत- अमेरिका संबंध बिडेन प्रशासन के तहत कैसे रहेंगे ये अभी भविष्य के गर्त में है.भारत को संवेदनशील मुद्दों...
अधिसंख्य किसान तो खड़ी फसल बेचने को ही मजबूर हैं
-रंजन कुमार सिंह कृषि कानूनों को लेकर माहौल गरम है। लंबे समय से किसान दिल्ली को घेरे बैठे हैं और दिल्ली उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। मै...
एकारात्मक चुनाव : कितना औचित्यपूर्ण ?
-सलिल सरोज भारत जैसे विशाल और विविध देश में, संसद के लोकप्रिय सदन और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव राजनीतिक गतिशीलता और एक अद्भुत पैमाने की...
पौराणिक परिवेश की गाथाओं से कुछ अलग हटकर है "धरतीपुत्री सीता" का किरदार
पुस्तक समीक्षा () डॉ. राम बहादुर मिश्र दु निया के बड़े-बड़े सवाल चुप्पी में से उपजे हैं और दुनिया के बड़े-बड़े प्रश्नों के उत्तर वाणी नहीं , ...
देश के किसानों को वेतन व भत्ता देने वाली सरकार होगी सच्ची हितैषी ।
--संतोष कुमार तिवारी कृ षि अधिनियम को लेकर इस समय किसान, नेता, मीडिया और अन्य लोग भी काफी चर्चा कर रहे है। सरकार इस अधिनियम को किसानो के लि...
शिक्षक पात्रता परीक्षा क्या सरकारी ठगी है ?
( बार-बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का शिक्षकों की भर्ती के अभाव में क्या औचित्य है? सच में ये बेरोजगार युवाओं को लूटने का सरकारी धंधा बन गया ह...
त्रासदी है नारी का बार-बार नौंचा जाना!
-- ललित गर्ग द रिन्दों एवं वहशियों के चलते एक और निर्भया ने दम तोड़ दिया। एक बार फिर गैंगरेप और भीषण यातनाओं का शिकार हुई यूपी के हाथरस जिले...