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इब्राहीम अश्क की गज़लें इब्राहीम अश्क की गज़लें

(एक)  सौ रंग तेरे मानी-ओ-मफ़हूम-ए-ख़यालां हर बार ही पाकीज़ा लगे जोश-ए-जमालां हर एक अदा तेरी क़यामत की अदा है शरमाये तेरे सामने दुनिया क...

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July 20, 2018
 
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