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हर चीज़ बिकाऊ है यहाँ हर चीज़ बिकाऊ है यहाँ

  हर चीज़ बिकाऊ है यहाँ, इंसाफ से लेकर इंसान तक। सपनों की भी कीमत लगी, अरमान से लेकर जान तक। सच्चाई अब नीलाम हुई, झूठ चढ़ा है सम्मान तक। ईमा...

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October 25, 2025

घर-घर में रावण घर-घर में रावण

घर-घर में रावण हुए, चौराहे पर कंस । बहू-बेटियां झेलती, नित शैतानी दंश ।। मन के रावण दुष्ट का, होगा कब संहार । जलते पुतले पूछते, बात यही हर ब...

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September 29, 2025

भारत वर्ष का हर्ष भारत वर्ष का हर्ष

  तुम नमक नहीं, चंदन हो, वीर, हर चौके, छक्के में दिखा दिया धीर। देशभर में फैल गया अद्भुत हर्ष, सदा चमकते रहो हमारे भारत वर्ष। साहस तुम्हारा ...

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September 29, 2025

है हिंदी यूं हीन (कविता) है हिंदी यूं हीन (कविता)

बोल-तोल बदले सभी, बदली सबकी चाल। परभाषा से देश का, हाल हुआ बेहाल ।। जल में रहकर ज्यों सदा, प्यासी रहती मीन । होकर भाषा राज की,  है हिंदी यूं...

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September 13, 2025

हिंदी मेरे उर बसे (कविता) हिंदी मेरे उर बसे (कविता)

आन-बान सब शान है, और हमारा गर्व। हिंदी से ही पर्व है, हिंदी सौरभ सर्व।। हिंदी हृदय गान है, मृदु गुणों की खान। आखर-आखर प्रेम है, शब्द- शब्द ह...

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September 13, 2025

मनीषा की अरदास मनीषा की अरदास

मत रो माँ, अब मत रो, तेरी बेटी की आवाज़ हम सब हैं, न्याय की राह पर चल पड़े, अब जाग उठा हर जन-जन है…। गूँजे धरती, गगन गवाह, अन्याय के विरुद्ध...

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August 18, 2025

रवि कुमार की दो कविताएं रवि कुमार की दो कविताएं

  1. तब कहीं जाकर शाम ढ़लती है हम तड़के से ही सुलगते सूरज को अपनी पीठ पर लादे पर्वतों को लांघते हैं समन्दरों को पाटते हैं और जब थककर चूर होकर ...

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August 17, 2025

आजादी का जश्न तमाशा आजादी का जश्न तमाशा

खुद काजू की रोटी खाता  जनता से चक्की पिसवाता  भाषण में है भंग मिलाता देशराग में गाना गाता  खुश अडानी , खुश है टाटा पब्लिक का है गीला आटा  ढो...

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August 15, 2025

🇮🇳 भारत @79 — अटूट शक्ति की ओर 🇮🇳 भारत @79 — अटूट शक्ति की ओर

सत्तर बरस की कठिन कहानी, मेहनत, संघर्ष और बलिदानी, अब सवाल है — क्यों रुक जाएँ? जब नेतृत्व का समय बुलाए। शक्ति है खेतों की लहराती बयार, शक्त...

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August 14, 2025

ये ध्वज सुखदाई ! ये ध्वज सुखदाई !

ये ध्वज सुखदायी  मेरी जान, मेरा प्राण इसकी ओर मुझे खींचे इसकी आन, इसकी शान दूर कभी नहीं  मेरे पास रहता है ये देखूँ मैं कहीं  मेरे साथ चलता ह...

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August 14, 2025

पत्थरों का सौदा पत्थरों का सौदा

कितने ज़ख़्म लगे एक फल के लिए, ऐसे पत्थर नहीं फेंकना चाहिए। लाभ हो बूँद-सा, पर नुक़सान समंदर-सा, ऐसा सौदा नहीं करना चाहिए। जो दिलों की चाशनी...

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August 11, 2025

रक्षाबंधन का सच रक्षाबंधन का सच

  -डॉ सत्यवान सौरभ कलाई पर बँधा रेशमी धागा, कभी था जीवन का वादा, हर आँधी में साथ निभाने का, हर दर्द में सहारा बनने का। अब वह धागा कैमरे में ...

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August 08, 2025

मैं बिंदी हूँ, मौन की ज्वाला मैं बिंदी हूँ, मौन की ज्वाला

माथे पर चुप बैठी मैं, जैसे चाँदनी का एक बिंब – किंतु पूछते हो मुझसे, “तुम हो कौन, इस रंग में लिपटी?” मैं तो चुप थी वर्षों से, मौन की ज्वाला ...

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August 04, 2025

मित्रता दिवस पर एक कविता मित्रता दिवस पर एक कविता

  रूखे -मन को, सरस - स्नेह से - पग - पग सींचे,  मित्र वही है। तप्त - हृदय को, नेह दिखाकर - दु:ख को भींचे,  मित्र वही है। मित्र हो सच्चा, पक्...

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August 02, 2025

प्रजापालक प्रजापालक

 कविता  () राम सिंह यादव  सहसा वो बालक उठता है और भरी सभा में पिता के गले लग जाता है मानों शिकायत कर रहा हो ये सब लोग मुझे ...

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August 03, 2018

सुशांत सुप्रिय की कविताएँ सुशांत सुप्रिय की कविताएँ

1. इससे तो बेहतर है                                                           जीभ साबुत है  मगर सच बोलने से  क़तरा रही है  ...

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July 20, 2018

इब्राहीम अश्क की गज़लें इब्राहीम अश्क की गज़लें

(एक)  सौ रंग तेरे मानी-ओ-मफ़हूम-ए-ख़यालां हर बार ही पाकीज़ा लगे जोश-ए-जमालां हर एक अदा तेरी क़यामत की अदा है शरमाये तेरे सामने दुनिया क...

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July 20, 2018
 
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