लघुकथा: “सूखे धागे”
लेखक: डॉ. सत्यवान सौरभ शहर की सबसे ऊँची इमारत के चौदहवें माले पर स्थित अपने कार्यालय में बैठा राजीव कंप्यूटर स्क्रीन पर आंखें गड़ाए बैठा था,...
लघुकथा: “सूखे धागे”
लेखक: डॉ. सत्यवान सौरभ शहर की सबसे ऊँची इमारत के चौदहवें माले पर स्थित अपने कार्यालय में बैठा राजीव कंप्यूटर स्क्रीन पर आंखें गड़ाए बैठा था,...
रासायनिक और जैविक हथियारों के प्रयोग से मानवता पर होने वाला दुष्प्रभाव
- डॉ धीरेंद्र रांगड़ रासायनिक और जैविक हथियारों के प्रयोग से मानवता पर होने वाला दुष्प्रभाव पर चर्चा करने से पहले लिए हम जान लेते हैं कि जैव...
पहाड़ों का सर्वनाश: उत्तराखंड की आखिरी चेतावनी
उत्तरकाशी के थराली में बादल फटने से हुई भीषण तबाही उत्तराखंड के पर्यावरणीय संकट की गंभीर चेतावनी है। विकास के नाम पर हो रही पहाड़ों की अंधाध...
ओये होये टमाटर.....
व्यंग्य - ऋतु गुप्ता आज सुबह-सुबह ही जैसे श्रीमती जी ने जैसे बम फोड़ दिया और बोली देखो जी आज आपकी छोटी बहन और हमारी छोटी नन्द की जेठानी...
टैबलेट या सरकारी खिलौने? तकनीकी शिक्षा का बड़ा धोखा
हरियाणा सरकार ने कोविड काल में 700 करोड़ रुपये खर्च कर 5 लाख छात्रों को टैबलेट बांटे थे, जिनका उद्देश्य डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना था। परं...
भारतीय रुपये की कहानी
वर्तमान में भारतीय संवैधानिक विनिमय मुद्रा को ‘रुपया’ ही कहा जाता है, जो ऐतिहासिक तौर पर चाँदी पर आधारित विनिमय संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्रा...
स्कूल छोड़ती बेटियाँ: संसाधनों की कमी या सामाजिक चूक?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है कि 15 से 18 वर्ष की उम्र की लगभग 39.4% लड़कियाँ स्कूल से बाहर हो चुकी ...