मनसे प्रमुख राज ठाकरे (फोटो: पीटीआई)
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने बीते रविवार को मोदी सरकार पर करारा हमला बोलते हुए विपक्षी दलों की एकता पर जोर दिया और 2019 तक ‘मोदी मुक्त भारत’ बनाने का आह्वान किया.

उन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रैली में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘देश नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के झूठे वादों से ऊब चुका है.’

ठाकरे ने कहा कि ‘मोदी मुक्त भारत’ बनाने के लिए भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार को चलता करने की खातिर सभी विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए.

उनका ‘मोदी मुक्त भारत’ का नारा भाजपा के ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ के नारे की याद दिलाता है.

मनसे प्रमुख ने कहा, ‘भारत को पहली बार आजादी 1947 में, दूसरी बार 1977 में (आपातकाल के बाद हुए चुनाव के बाद) मिली और 2019 में भारत के ‘मोदी मुक्त’ बनने पर उसे तीसरी बार आजादी मिल सकती है.’

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मनसे प्रमुख ने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि भाजपा राजनीतिक एकाधिकार के लिए राम मंदिर के नाम पर हिंदू-मुस्लिम दंगे करवाने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा, ‘मुझे शक है कि राम मंदिर मुद्दे पर दंगे करवाए जाने के लिए बड़ी योजना पर काम चल रहा है.’

उनके अनुसार मंदिर मुद्दे को केंद्र में लेकर आने के साथ यह योजना शुरू भी हो गयी है. हालांकि राज ठाकरे ने कहा कि वे राम मंदिर के समर्थन में है, लेकिन उन्होंने कहा, ‘मुझे भाजपा की राजनीति से आपत्ति है. उन्हें चुनाव के बाद मंदिर के बारे में बात करने दीजिये.’

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के बाद अगर नोटबंदी को लेकर जांच के आदेश दिए गए तो यह 1947 के बाद से देश में हुए अब तक के सबसे बड़े घोटाले के रूप में सामने आ सकता है.

ठाकरे ने साथ ही महाराष्ट्र सरकार के फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी के पिछले महीने राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि करने के फैसले पर भी सवाल उठाए.

उन्होंने कहा, ‘श्रीदेवी एक शानदार अभिनेत्री थीं लेकिन उन्होंने देश के लिए ऐसा क्या किया था कि उनके शव को तिरंग में लपेटा जाए.’

ठाकरे ने कहा कि ऐसा संभव है कि मीडिया ने नीरव मोदी-पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सरकार के इशारे पर अभिनेत्री की अंत्येष्टि को इतने जोर-शोर से दिखाया.

मनसे कार्यकर्ताओं ने गुजराती में लिखे विज्ञापन बोर्डों को निशाना बनाया महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने पुणे जिले के कुछ कारोबारी प्रतिष्ठानों में लगे गुजराती विज्ञापन बोर्ड उखाड़ डाले.

ठाणे क्षेत्र में मनसे के अध्यक्ष अविनाश जाधव ने सोमवार को बताया कि राज ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार देर रात जिले के वसई इलाके में मुंबई- अहमदाबाद राजमार्ग पर लगे 20 से ज्यादा कारोबारी प्रतिष्ठानों के विज्ञापन बोर्ड उखाड़ फेंके.

जाधव ने फोन पर कहा, ‘वसई और ठाणे जिला महाराष्ट्र में हैं, गुजरात में नहीं… और अब हम गुजराती में लिखे विज्ञापन बोर्ड बर्दाश्त नहीं करेंगे.’

उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार के विज्ञापन बोर्डों के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा.

वसई पुलिस नियंत्रण कक्ष ने इस घटना की पुष्टि की है, लेकिन बताया कि इसमें अभी तक किसी प्रकार मामला दर्ज नहीं किया गया है.

यह घटना मनसे प्रमुख राज ठाकरे के उस बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने 2019 के चुनाव में ‘मोदी-मुक्त भारत’ के लिए विपक्षी एकता का आह्वान किया था.

पुलिस ने बताया कि इससे पहले पिछले साल जुलाई में मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई में दादर की एक आभूषण की दुकान और माहिम में एक होटल में हंगामा किया था और उनसे गुजराती में लिखे विज्ञापन बोर्ड हटाने के लिए कहा था.

मनसे के विरोध के कारण दो कारोबारी प्रतिष्ठानों ने अपने गुजराती में लिखे विज्ञापन बोर्ड हटा लिए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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