नई दिल्ली: भारत ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक को आगाह किया कि यदि उसने देश की चुनाव प्रक्रिया को किसी भी अवांछित तरीके से प्रभावित करने का प्रयास किया तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

अमेरिका के नियामक द्वारा फेसबुक के ख़िलाफ़ प्रयोगकर्ताओं की गोपनीयता के संभावित उल्लंघन की जांच की जा रही है.

सूचना प्रौद्योगिकी और क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि सरकार प्रेस, भाषण और अभिव्यक्ति की आज़ादी का पूरा समर्थन करती है. साथ ही वह सोशल मीडिया पर विचारों के मुक्त आदान-प्रदान का भी समर्थन करती है.

संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में प्रसाद ने कहा कि फेसबुक सहित कोई भी सोशल मीडिया साइट यदि अनुचित तरीके से देश की चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करती है, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जरूरत होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

प्रसाद ने कहा कि 20 करोड़ भारतीय फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह अमेरिका के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा बाज़ार है. प्रसाद ने कंपनी और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क ज़ुकरबर्ग को आगाह किया कि यदि किसी तरह का भी आंकड़ों के उल्लंघन का मामला सामने आता है तो आईटी क़ानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

प्रसाद ने चेताया, ‘मार्क ज़ुकरबर्ग आप बेहतर तरीके से जान लें, हम भारत में एफबी प्रोफाइल का स्वागत करते हैं, लेकिन एफबी प्रणाली के ज़रिये यदि भारतीयों के किसी आंकड़े की चोरी की जाती है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आईटी क़ानून में हमारे पास काफ़ी अधिकार हैं, हम इनका इस्तेमाल करेंगे. आपको भारत में समन भी किया जा सकता है.’

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार फेसबुक द्वारा इस्तेमाल आंकड़ों पर किसी तरह की जांच करेगी, आईटी मंत्री ने कहा कि भारत में इसके लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) है. यदि कोई विशेष शिकायत मिलती है तो उसकी संरचित जांच होगी.

यह पहला मौका नहीं है जबकि भारतीय नीति-निर्माताओं तथा फेसबुक के बीच गतिरोध पैदा हुआ है. इससे पहले 2016 में ट्राई ने इंटरनेट पहुंच के लिए भेदभाव वाले मूल्य पर नियमन जारी किए थे, जिसके फेसबुक फ्री बेसिक्स जैसे प्लेटफार्म पर प्रतिबंध लगा था.

अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) फेसबुक की इस बात के लिए जांच कर रहा है कि क्या उसने प्रयोगकर्ताओं के लाखों आंकड़े एक राजनीतिक परामर्श एजेंसी को दिए थे.

मीडिया की ख़बरों में आरोप लगाया गया है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के चुनाव अभियान में इन आंकड़ों का इस्तेमाल किया था.

प्रसाद ने आरोप लगाया कि कैंब्रिज एनालिटिका के कांग्रेस पार्टी के साथ संबंध हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सोशल मीडिया प्रोफाइल में कैंब्रिज एनालिटिका की क्या भूमिका है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 2019 के चुनाव अभियान के लिए कैंब्रिज एनालिटिका की सेवा ली है. मीडिया के एक वर्ग द्वारा इसे ब्रह्मास्त्र कहा जा रहा है. इस एजेंसी पर रिश्वत, सेक्स वर्करों का इस्तेमाल करने तथा फेसबुक से डेटा चुराने का आरोप है.

प्रसाद ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी से मेरा सवाल यह है कि क्या चुनाव जीतने के लिए वह आंकड़ों के हेरफेर या चोरी पर निर्भर करेगी.’
 (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट)

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